Indonesia में बड़ा रेल हादसा, मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका
जकार्ता: इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के बाहरी इलाके में सोमवार को हुए एक हृदयविदारक ट्रेन हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। अधिकारियों ने मंगलवार सुबह पुष्टि की है कि इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। बेकासी तिमुर जैसे व्यस्त स्टेशन पर हुई इस टक्कर के बाद अभी भी मलबे में जिंदगियां तलाशने का संघर्ष जारी है।
हादसे का घटनाक्रम: कैसे हुई टक्कर?
हादसा उस वक्त हुआ जब बेकासी तिमुर स्टेशन पर एक 'कम्यूटर ट्रेन' (स्थानीय ट्रेन) खड़ी थी। इसी दौरान पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार लंबी दूरी की ट्रेन ने कम्यूटर ट्रेन के पिछले डिब्बों को जोरदार टक्कर मार दी।
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शुरुआती कारण: बताया जा रहा है कि कम्यूटर ट्रेन पहले ट्रैक पर फंसी एक टैक्सी से टकराकर रुकी थी, जिसके तुरंत बाद पीछे से आ रही ट्रेन ने उसे टक्कर मार दी।
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सर्वाधिक नुकसान: टक्कर इतनी भयावह थी कि डिब्बे एक-दूसरे पर चढ़ गए। सबसे ज्यादा क्षति महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बे को हुई है, जहाँ हताहतों की संख्या सबसे अधिक बताई जा रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन: "डिब्बे काटकर निकाली जा रही हैं लाशें"
इंडोनेशिया खोज एवं बचाव एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद सयाफी ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण है। राहतकर्मी एंगल ग्राइंडर और भारी मशीनों की मदद से मुड़े हुए लोहे के डिब्बों को काट रहे हैं।
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मौके का मंजर: स्टेशन पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कई लोग अपनों की तलाश में बदहवास घूम रहे हैं। एक भावुक दृश्य तब देखने को मिला जब एक युवक अपने भाई का खून से सना बैग सीने से चिपकाकर रोता नजर आया।
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जीवित बचे लोगों की उम्मीद: बचाव दल का मानना है कि मलबे के भीतर अभी भी कुछ यात्री जीवित फंसे हो सकते हैं, जिन्हें निकालने के लिए रात-दिन काम किया जा रहा है।
राष्ट्रपति का दौरा और बुनियादी ढांचे पर सवाल
हादसे की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो ने अस्पताल पहुँचकर घायलों से मुलाकात की।
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फ्लाईओवर का वादा: राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि रेलवे ट्रैक के पास भारी ट्रैफिक जाम की समस्या दुर्घटनाओं का कारण बनती है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में जल्द ही फ्लाईओवर बनाने की घोषणा की।
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रखरखाव में कमी: राष्ट्रपति ने स्पष्ट शब्दों में माना कि देश के रेलवे नेटवर्क का रखरखाव (Maintenance) संतोषजनक नहीं है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
जांच और पुराना रिकॉर्ड
सरकारी रेलवे कंपनी पीटी केरेटा एपी इंडोनेशिया के सीईओ बॉबी रसीदिन ने कहा कि सभी शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा समिति ने इस बात की जांच शुरू कर दी है कि क्या यह सिग्नल फेलियर था या मानवीय भूल।
गौरतलब है कि इंडोनेशिया में रेल सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इससे पहले 2024 में पश्चिम जावा में हुए हादसे में भी चार लोगों की जान गई थी। इस ताजा घटना ने एक बार फिर दक्षिण-पूर्व एशिया के इस सबसे बड़े द्वीप समूह वाले देश में सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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